Yamunanagar : डीएवी गर्ल्स की टीम को डाक्यूमेंट्री में पहला स्थान

यमुनानगर
डीएवी गर्ल्स कॉलेज यमुनानगर की टीम ने डाक्यूमेंट्री में पहला तथा आर्टिकल में अर्जित किया दूसरा स्थान

Yamunanagar Hulchul. डीएवी गर्ल्स कॉलेज की छात्राओं द्वारा बनाई गई डाक्यूमेंट्री पगड़ी वाला तुफान ने वाईएमसी विश्वविद्याल फरीदाबाद में आयोजित राष्ट्रीय मीडिया सम्मेलन एवं फिल्मोत्सव में पहला तथा पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के हेड परमेश कुमार त्यागी द्वारा लिखे गए आर्टिकल जगाधरी के बर्तनों से विदेशों में चमक रहा हरियाणा ने दूसरा स्थान अर्जित कर प्रदेश भर में कॉलेज का नाम रोशन किया है। विजेता छात्राओं को १५००० हजार रुपए नगद राशि, ट्राफी तथा सर्टिफिकेट्स प्रदान कर सम्मानित किया गया। जबकि परमेश कुमार को ५१०० रुपये की नगद राशि, ट्राफी व प्रमाण पत्र से नवाजा गया। कार्यक्रम का आयोजन हरियाणा स्वर्ण जयंती के उपलक्ष्य में वाईएमसी विश्वविद्यालय फरीदाबाद तथा विश्व संवाद केंद्र हरियाणा के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कॉलेज की कार्यवाहक प्रिंसिपल डा. विभा गुप्ता ने विजेता प्रतिभागियों को जीत की बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
पत्रकारिता एवं जनसंचार विभागाध्यक्ष परमेश त्यागी ने बताया कि विभाग की अंतिम वर्ष की छात्रा रूबी, मनप्रीत, दीपिका, द्वितीय वर्ष की छात्रा भव्या तथा प्रथम वर्ष की छात्रा वंशिका गुप्ता, रजनी, रूबीना ने पगड़ी वाला तुफान डाक्यूमेंट्री बनाई। जिसमें उन्होंने हेल्थ डिपार्टमेंट से सेवानिवृत तेजली निवासी रामसिंह द्वारा दिल्ली व अन्य राज्यों में आयोजित होने वाली मैराथन व हाफ मैराथन में जीते गए मेडल्स व जज्बे दिखाया। ७५ वर्षीय रामसिंह आज भी नियमित रूप से मैराथन की प्रैक्टिस करते हैं। उनका सपना विश्व मैराथन में हिस्सा लेना व प्राइज जीतकर प्रदेश का नाम बुलंदियों पर पहुंचना है।
जगाधरी के बर्तनों से विदेशों में चमक रहा हरियाणा आर्टिकल को मिला दूसरा स्थान: परमेश त्यागी ने आर्टिकल के माध्यम से बताया गया कि १९४७ में विभाजन की त्रासदी झेल पाकिस्तान के गुजरांवाला से आए सैंकड़ों कारीगरों ने जगाधरी बर्तन नगरी की दशा व दिशा बदलने में किस प्रकार से महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। उस समय का कुटीर उद्योग को आज इंडस्ट्री में तब्दील हो चुका है। अब हाथ की बजाए मशीनों से डिजाइनदार बर्तन तैयार किए जा रहे हैं। जगाधरी में तैयार बर्तनों की चमक बॉलीवुड तक सीमित नहीं है। अपितु अरबीयन व यूरोपियन कंट्रीज़ में यहां तैयार किए गए डिजाइनदार बर्तनों की डिमांड लगातार बढ़ रही है। इस उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सूबे की सरकार भी कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रही है।

डीएवी गर्ल्स कॉलेज यमुनानगर

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