डीएवी गर्ल्स कॉलेज की छात्राओं ने नया गांव में रैली निकालकर दिया स्वच्छता का संदेश

नया गांव में रैली निकलती डीएवी गर्ल्स कॉलेज की छात्राएं
नया गांव में रैली निकलती डीएवी गर्ल्स कॉलेज की छात्राएं
यमुनानगर। स्वच्छ भारत समर इंटर्नशिप के अंतर्गत डीएवी गल्र्स कॉलेज द्वारा नया गांव में रैली निकाल ग्रामीणों को स्वच्छता का संदेश दिया। जिसमें स्वयं सेविकाओं तथा स्कूल के विद्यार्थियों ने भाग लिया। रैली को हरी झंडी स्कूल की मुख्याध्यापिका सपना ने दी। इससे पूर्व ग्रामीणों को स्वच्छता पर आधारित फिल्म दिखाकर उन्हें साफ-सफाई के महत्व से अवगत कराया। यह जानकारी कॉलेज की कार्यवाहक प्रिंसिपल डा. विभा गुप्ता तथा नोडल ऑफिसर डा. गुरशरन कौर ने दी।
डा. कौर ने बताया कि डीएवी गल्र्स कॉलेज की स्वयं सेविकाओं द्वारा नया गांव में लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चला गया है। जो कि स्वच्छ भारत समर इंटर्नशिप के तहत चलाया जा रहा है। जिसके तहत स्वयं सेविकाएं घर-घर जाकर बच्चों, बुढ़ों व महिलाओं को सफाई के महत्व के बारे में बता रहीं हैं। स्वयं सेविकाओं ने ग्रामीणों को बताया कि घर से निकलने वाले कूड़े की छंटाई करके उससे ऑग्रेनिक खाद तैयार की जा सकती है। जिससे घर के आंगन व आसपास ही सब्जियों का  उत्पादन किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अगर ग्रामीण अपने घरों में डस्टबीन का इस्तेमाल करेंगे, तो गंदगी इधर-उधर नहीं फैलेगी। डीएवी की स्वयं सेविकाओं तथा नया गांव स्थित सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों ने गांव में स्वच्छता रैली निकाल ग्रामीणों को जागरूक किया। रैली गांव के सरकारी स्कूल से शुरू हुई, जिसे स्कूल की मुख्याप्राध्यापिका सपना ने हरी झंडी देकर रवाना किया। रैली गांव की विभिन्न गली-मौहल्लों से होकर स्कूल परिसर में सपंन्न हुई।
गांव के सरपंच पृथ्वी सिंह का कहना है कि डीएवी की स्वयं सेविकाएं सराहनीय कार्य कर रही हैं। इसलिए इस प्रकार के अभियान गांव में जागरूकता के लिए बहुत सहयोगी सिद्ध होते हैं। अभियान को सफल बनाने के लिए उन्होंने नोडल ऑफिसर डा. गुरशरन कौर तथा स्वयं सेविकाओं को पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।
फिल्म दिखा दिया स्वच्छता का संदेश-
ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए सरकारी स्कूल में प्रोजेक्टर के माध्यम से स्वच्छता पर आधारित फिल्म दिखाई गई। जिसमें स्वच्छता के महत्व तथा गंदगी से होने वाली बीमारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। फिल्म के जरिए बताया गया कि खुले में शौच नहीं करनी चाहिए। अपने आसपास गंदगी नहीं फैलने देनी चाहिए। क्योंकि इससे बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ जाता है। फिल्म देखने के बाद ग्रामीण महिलाओं का कहना था कि इस प्रकार के सामाजिक संदेश जन-जन तक पहुंचाने की जरूरत है। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा तैयार किए गए टॉयलेट की वजह से उन्हें खुले में शौच जाने से निजात मिली हैं। जो कि सरहानीय कदम है।
नया गांव में स्वच्छता पर आधारित फिल्म देखते बच्चे
नया गांव में स्वच्छता पर आधारित फिल्म देखते बच्चे

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