विदेशी विवाह से जुड़ी समस्याएँ राष्ट्रीय महिला आयोग के माध्यम से हो रही हैं हल – डेलिना खोंगदुप

Yamunanagar - DAV Girls College (1)

डीएवी कॉलेज फॉर गर्ल्स, यमुनानगर में “एनआरआई मैरिज: क्या करें और क्या न करें” विषय पर जागरूकता कार्यक्रम।

Yamunanagar – राष्ट्रीय महिला आयोग और डॉ. बी.आर. अम्बेडकर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, सोनीपत के संयुक्त तत्वावधान में हुआ कार्यक्रम।

Shine Bhatia, Yamunanagar. कार्यक्रम में राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य डेलिना खोंगदुप और हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा रेनू भाटिया मुख्य अतिथि रहीं। डॉ. बी.आर. अम्बेडकर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. देवेंद्र सिंह विशिष्ट अतिथि थे। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुमित्रा कादियान और डीएवी कॉलेज की कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. सुरिंदर कौर विशेष अतिथि रहीं।

कार्यक्रम का समन्वय डॉ. बलविंदर कौर, निदेशक, लेबर स्टडी सेंटर, डॉ. बी.आर. अम्बेडकर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी ने किया। पूर्व राष्ट्रीय महिला आयोग सदस्य और अधिवक्ता भाविका शर्मा कार्यक्रम की संसाधन व्यक्ति रहीं।
कार्यक्रम में सरपंच, पंच, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि, पुलिस प्रशासन तथा छात्राओं ने भाग लिया।

राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य डेलिना खोंगदुप ने बताया कि एनआरआई विवाह से संबंधित मामलों की संख्या देशभर में बढ़ रही है। महिलाओं की सहायता के लिए देशभर में एनआरआई सेल स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे धोखाधड़ी या समस्याग्रस्त विवाहों से पीड़ित महिलाओं की मदद की जा सके। उन्होंने महिलाओं को विवाह से पहले सभी कानूनी दस्तावेजों की सावधानीपूर्वक जांच करने और किसी भी समस्या की स्थिति में तुरंत आयोग या कानूनी संस्थाओं से संपर्क करने की सलाह दी।

Yamunanagar - DAV Girls College (1)

रेनू भाटिया, हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा ने कहा कि एनआरआई विवाह से जुड़े मामलों में जागरूकता और कानूनी साक्षरता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कई वास्तविक उदाहरण साझा करते हुए बताया कि विदेश में रहने वाली महिलाओं को किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों से आग्रह किया कि वे नियमित रूप से ऐसे कार्यक्रम आयोजित करें ताकि युवतियों को सशक्त बनाया जा सके और उन्हें कानूनी सुरक्षा का ज्ञान मिल सके।

सुमित्रा कादियान, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने कहा कि एनआरआई से विवाह करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करना आवश्यक है। उन्होंने हरियाणा विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा महिलाओं के लिए उपलब्ध कानूनी उपायों और सहायता प्रणालियों की जानकारी दी और महिलाओं से अपील की कि वे किसी भी शोषण या दुर्व्यवहार की स्थिति में तुरंत कानूनी सहायता लें। कुलपति डॉ. देवेंद्र सिंह ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि शैक्षणिक संस्थानों और कानूनी निकायों के बीच ऐसे सहयोग महिलाओं के कानूनी अधिकारों और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

अधिवक्ता भाविका शर्मा ने एनआरआई विवाह से संबंधित वास्तविक मामलों और कानूनी प्रावधानों पर प्रकाश डाला। उन्होंने महिलाओं को विवाह से पहले दूल्हे की पृष्ठभूमि और कानूनी स्थिति की सत्यता की जांच करने की सलाह दी। उन्होंने विशेष रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में कानूनी परामर्श और जागरूकता अभियानों की आवश्यकता पर जोर दिया। अंत में डॉ. सुरिंदर कौर ने सभी गणमान्य अतिथियों का धन्यवाद किया और महिला सशक्तिकरण पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने एनआरआई विवाह पर आधारित एक कविता भी सुनाई, जिसे उपस्थित दर्शकों ने खूब सराहा।


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