Shine Bhatia, Barara. आजकल हर किसी के मोबाइल में एक नहीं, कई शॉपिंग ऐप्स इंस्टॉल होते हैं – फ्लिपकार्ट, अमेज़न, मीशो, अज़ियो जैसे प्लेटफॉर्म्स पर लोग घर बैठे कपड़े, जूते, मोबाइल, और रोज़मर्रा की ज़रूरतों का सामान मंगवा लेते हैं। लेकिन इस बदलते ट्रेंड का सीधा असर अब छोटे दुकानदारों और स्थानीय बाजारों पर पड़ता नज़र आ रहा है।
“पहले जब त्योहार या शादी-ब्याह का सीजन आता था, तो ग्राहकों की लाइन लग जाती थी। लेकिन अब लोग मोबाइल पर सर्च करके ऑनलाइन सस्ता सामान ऑर्डर कर लेते हैं। इससे हमारी बिक्री लगभग आधी हो चुकी है।”
हालांकि, कुछ ग्राहक आज भी बाजारों का रुख करते हैं। उनका मानना है कि
ऑनलाइन शॉपिंग के लाभ और नुकसान:
समझदारी से करें शॉपिंग:
आज समय की जरूरत है कि लोग अपनी खरीददारी को संतुलित तरीके से करें। जब जरूरी हो, ऑनलाइन खरीदें – लेकिन जब अवसर मिले, तो स्थानीय बाजारों से सामान लेकर छोटे दुकानदारों की मेहनत और उनके कारोबार को समर्थन दें। स्थानीय बाजार केवल व्यापार का स्थान नहीं होते, वे समाज के आर्थिक और सामाजिक ढांचे की रीढ़ होते हैं।







