Home Bilaspur व्यासपुर में कपाल मोचन मेला 2025 का भव्य शुभारंभ, राष्ट्रीय एकता और...

व्यासपुर में कपाल मोचन मेला 2025 का भव्य शुभारंभ, राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक विरासत का बना प्रतीक

Kapal Mochan - Adibadri Mela - Teerath Shree Kapal Mochan

Yamunanagar – राज्य स्तरीय कपाल मोचन मेले का भव्य शुभारंभ

  • आयुक्त संजीव वर्मा ने किया प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का उद्घाटन

  • श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु प्रशासन ने किए विशेष प्रबंध

  • तीर्थराज कपाल मोचन में उमड़ी आस्था और श्रद्धा की लहर

  • राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक समरसता का प्रतीक बना मेला

Ravinder Punj,Vyaspur. हरियाणा वह भूमि है जहां भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन के रथ को हांका था और इसी भूमि पर श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का अमर संदेश दिया था। हरियाणा के इसी एक छोर पर व्यासपुर पड़ता है, जहां कपाल मोचन की पवित्र भूमि स्थित है, जिसे भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण, गुरू नानक देव और गुरू गोबिंद सिंह जैसे देवताओं ने पवित्र किया है। कपाल मोचन मेला अपने-आप में अनूठा एवं बेमिसाल है।

अम्बाला मंडल के आयुक्त संजीव वर्मा ने मेला कपाल मोचन में लगाई गई विशाल प्रदर्शनी का उद्घाटन व प्रदर्शनी के मध्य बनाए गए सांस्कृतिक मंच के पास हवन पूजा, दीप प्रज्जवलित कर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत करके राज्य स्तरीय मेले का शुभारंभ किया। इससे पूर्व उन्होंने हरियाणा सरकार की विकासात्मक गतिविधियों पर आधारित विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया, जिसमें लगभग 40 स्टाल लगाए गए हैं। मेला कपाल मोचन के उदघाटन अवसर पर गणपति कान्वेंट स्कूल के बच्चों ने भंगड़ा, न्यू हैप्पी पब्लिक स्कूल के बच्चों ने सरस्वती वंदना, नवज्ञान ज्योति पब्लिक स्कूल की छात्राओं ने गिद्दा, सरस्वती वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों ने लवानी, एम.आर. इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थियों ने भंगड़ा, जीएमएसएसएस व्यासपुर के विद्यार्थियों ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जिसे लोगों ने बहुत सराहा।

अम्बाला मंडल के आयुक्त संजीव वर्मा ने कहा कि तीज त्यौहार व मेले भारतीय संस्कृति व जीवन का एक महत्वपूर्ण भाग है, जिनके माध्यम से भारत वर्ष के पुरातन रिति रिवाज, परम्पराएं, लोक कथाएं एवं जन श्रुतियां बड़े गहरे से जुड़ी हैं। भारत की भूमि ऋषि-मुनियों, पीर पैगम्बरों, शूरवीर योद्धाओं और गुरुओं की भूमि है। यहां की धरती को ऋषि-मुनियों ने अपने तपो बल से पावन किया है। इस भूमि का एक हिस्सा जिसका नामकरण हरि के नाम पर हुआ है उसे हरियाणा कहा जाता है और हरियाणा में व्यासपुर की धरती को महर्षि व्यास की कर्म स्थली कहा जाता है। क्योंकि किसी जमाने में यह स्थान ऋषि-मुनियों की तपो स्थली के रूप में जाना जाता था। यह भी कहा जाता है कि यहीं पर ब्रह्मा, विष्णु और महेश ने इक्_े होकर एक यज्ञ रचाया था। शास्त्रों और अब विज्ञान के अनुसार भी सरस्वती की उद्गम स्थली भी यही है।
उन्होंने विश्व प्रसिद्ध कपाल मोचन मेला के यात्रियों को अपनी ओर से शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जिस कामना के लिए वे मेला कपाल मोचन में आए हैं, उनकी कामना अवश्य पूरी हो।

उपायुक्त एवं मेला कपाल मोचन के मुख्य प्रशासक पार्थ गुप्ता ने कहा कि 1 नवम्बर से 5 नवम्बर तक मेला में लाखों की संख्या में यात्री निवास करेंगे मैं उन सबका आभार प्रकट करता हँू और उनकी यात्रा सफल होगी। उन्होंने कहा कि पूरे मेला क्षेत्र में अस्थाई शौचालयों की संख्या 500 कर दी गई है। इसके अलावा लगभग 200 स्थाई शौचालय बनाए गए है। अत: कोई भी यात्री खुले में शौच न करें। उन्होंने कहा कि यात्रियों को खाना बनाने के लिए एलपीजी गैस उपलब्ध करवाई जाएगी। सभी यात्री अपने सामान का ध्यान रखें। यात्रियों की सुरक्षा के लिए उचित व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि मेला क्षेत्र में यात्रियों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए स्वास्थ्य पोस्टें बनाई गई है जिनके माध्यम से यात्रियों को नि:शुल्क दवाईयां प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा सूचना प्रसारण केन्द्र स्थापित किया गया है जो 24 घंटे सूचनाएं प्रसारित करेगा। उन्होंने यात्रियों से यह भी अपील की कि वे अपने वाहनों को निश्चित स्थान ही खड़ा करें। उन्होंने बताया कि मेला क्षेत्र के चारों तरफ 10 अस्थाई पार्किंग बनाई गई है। मेला क्षेत्र में अस्थाई 10 पुलिस पोस्ट की स्थापना की गई है।

उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने कहा कि तीर्थराज कपाल मोचन में कपाल मोचन, ऋण मोचन व सुरजकुण्ड सरोवर है और इस तीर्थ स्थल पर आकर व सरोवरों में स्नान करने से पापों का मोचन होता है तथा मनचाही मन्नतें पूरी होती है। उन्होंने कहा कि महाभारत युद्ध के पश्चात पांडवों ने इस तीर्थ पर आकर ऋण मोचन सरोवर में अस्त्र-शस्त्र धोए थे। शिव जी एक ऋषि के वध के श्राप से मुक्ति पाने के लिए यहां आए थे और उन्हें मुक्ति मिली। उन्होंने कहा कि मेला प्रशासन यात्रियों एवं श्रद्धालुओं को हर प्रकार की सुविधा देने पर खरा उतरेगा क्योंकि जिला प्रशासन के सभी अधिकारियों ने पूरी लगन, मेहनत व योजनाबद्ध तरीके से सभी प्रकार के प्रबंध समय रहते पूर्ण किए हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यात्री जिस मनोकामना की पूर्ति के लिए मेला में आए वह उनकी मनोकामना पूरी हो। उन्होंने कहा कि मेला प्रशासन यात्रियों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह सजग है व पूरे मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाए हुए है।

व्यासपुर के एसडीएम एवं मेला प्रशासक जसपाल सिंह गिल ने कहा कि पूरे मेला क्षेत्र को 4 सैक्टरों में बांटा गया है और तीनों सरोवरों में किश्तियों की व्यवस्था की गई है। कपाल मोचन मेला को पॉलीथिन मुक्त रखा जाएगा व पर्यावरण सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए गए है। इसके साथ-साथ श्रद्धालुओं को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने के विशेष प्रबंध किए गए है। उन्होंने कहा कि यह मेला राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है जिसमें देश के कोने-कोने विशेषकर पंजाब से अधिक श्रद्धालु मेले में आ रहे हैं। सभी यात्री एवं श्रद्धालु आपसी भाईचारा व सहयोग का वातावरण बनाए रखें और मेला में सफाई व्यवस्था को बरकरार रखने के लिए मेला प्रशासन को निरंतर सहयोग देते रहे। उन्होंने बताया कि मेले में हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच  चुके है और सरोवरों में डुबकी लगा रहे हैं।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल, अतिरिक्त उपायुक्त नवीन आहूजा, छछरौली के एसडीएम रोहित कुमार, रादौर के एसडीएम नरेन्द्र कुमार, जगाधरी के एसडीएम विश्वनाथ, जिला राजस्व अधिकारी तरुण सहोता, डीडीपीओ नरेन्द्र सिंह, डीआईपीआरओ डॉ. मनोज कुमार, डीआईओ विनय गुलाटी, बीडीपीओ व्यासपुर एवं मेला अधिकारी श्रीमती आस्था गर्ग, उप पुलिस अधीक्षक व्यासपुर हरविंदर सिंह सहित मेला प्रशासन के अन्य अधिकारी व गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।


#Thanks-DIPRO_Ynr #Vyaspur #Yamunanagar #YamunanagarHulchul

Click to join the official WhatsApp Channel of Yamunanagar Hulchul ®. Your one-stop digital platform for all district updates. Stay connected, stay informed!

Visit www.YamunanagarHulchul.com for regular updates!

Exit mobile version