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Yamunanagar : शहर को मिली करोड़ों रुपये के विकास कार्यों की सौगात

Yamunanagar, Yamunanagar Hulchul
  • 2021 में नगर निगम ने ट्विनसिटी के विकास पर खर्चें करोड़ों रुपये, बनी गई सड़कें व अंडरग्राउंड नाले

  • निगम की झोली में आया रिकार्ड प्रॉपर्टी टैक्स व बकाया किराया

  • शहर को मिली करोड़ों रुपये के विकास कार्यों की सौगात

Yamunanagar Hulchul : वर्ष-2021 नगर निगम द्वारा शहर में करोड़ों रुपये के विकास कार्य करवाएं गए। कई वर्षो से शहर में जो नहीं हो पाया, वह इस वर्ष हुआ। दो साल तक कोरोना की मार झेलने के बाद वर्ष-2021 में शहर के विकास ने रफ्तार पकड़ी। करीब छह साल से बंद पड़े कैल कचरा प्लांट में शुरू कर करीब सवा लाख टन कचरे के ढेर का निस्तारण किया गया। वहीं, नियमित हुई 69 कॉलोनियों के विकास को द्वार खुले।

कई वार्डों में करोड़ों की लागत से सामुदायिक केंद्र बनाए गए तो करोड़ों रुपये की लागत से पक्की गलियां, अंडरग्राउंड नालियों व नालों का निर्माण किया गया। शहर के विकास के अलावा नगर निगम ने ब‌काया किरायेदारों से 2.65 करोड़ की रिकार्ड रिकवरी की। वहीं, प्रॉपर्टी धारकों से करीब 15 करोड़ रुपये की रिकवरी की गई। वेंडिंग जोन बनने से शहर में जाम का कारण बन रहे स्ट्रीट वेंडर्स व टैक्सी स्टैंड को शिफ्ट किए जाने की उम्मीद जगी। साथ ही पंचायत भवन के पीछे निगम कार्यालय बनाने का रास्ता भी साफ हुआ।

2014 से बंद पड़े कैल कचरा प्लांट में शुरू हुआ कचरा निस्तारण, खत्म किया

शहर से निकलने वाले कचरे के निस्तारण के लिए दिसंबर 2012 में 18.74 करोड़ की लागत से कैल कचरा प्रबंधन प्लांट लगाया गया था। करीब दो साल तक चलने के बाद यह प्लांट वर्ष 2014 में बंद हो गया था। जिसके चलते प्लांट में लगभग सवा एक लाख टन कचरा जमा हो गया था। पहाड़ के रूप में कचरे के ढेर का निस्तारण करना निगम के लिए बहुत मुश्किल काम बन गया था। मेयर मदन चौहान ने इसमें हस्ताक्षेप कर प्लांट से कचरे का निस्तारण करने के ठेका भारत विकास ग्रुप को दिया गया। इसके बाद एजेंसी ने जनवरी 2021 में बायोरेमेडिएशन तकनीक से कचरे का प्रबंधन करना शुरू किया। प्रबंधन के दौरान प्लास्टिक, पेपर, फोम आदि से आरडीएफ (रिफ्यूज डिलाइव फ्यूल) तैयार किया जा रहा है। इसे सीमेंट फैक्टरी व अन्य फैक्ट्रियों में ईंधन के रूप में इस्तेमाल के लिए बेचा जा रहा है। इसके अलावा बायो सोयल को लैंड फीलिग व भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के लिए प्रयोग किया जा रहा है। प्लांट से कचरे का निस्तारण अंतिम चरण में है।

बकायादार किरायेदारों व प्रॉपर्टी धारकों से ‌हुई रिकार्ड रिकवरी

इस वर्ष किरायेदारों व प्रॉपर्टी धारकों से रिकवरी करने में भी नगर निगम को काफी सफलता मिली। निगम की दुकानों के किराये पर कुंडली मारे बैठे दुकानदारों से निगम ने अप्रैल-2021 से लेकर अब तक करीब दो करोड़ 65 लाख रुपये की रिकवरी की है। इस दौरान निगम द्वारा 70 दुकानदारों को सीलिंग के लिए नोटिस दिए थे। जिसके बाद 48 दुकानों को सील किया गया। जिसके निगम के पास बकाया किराया पहुंचना शुरू हुआ। इसी तरह प्रॉपर्टी टैक्स रिकवरी में भी निगम ने रिकार्ड बनाया। पिछले साल जहां 11 करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स निगम के पास आया था। इसके बाद करीब चार करोड़ अतिरिक्त रिकवरी के साथ निगम की झोली में 15 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स आया है। इनके अलावा निगम की प्रॉपर्टी आईडी की संख्या में भी बढोतरी हुई है। पहले जहां निगम एरिया में एक लाख 66 हजार प्रॉपर्टी थी, वहीं अब 12 हजार प्रॉपर्टी की बढोतरी के साथ इनकी संख्या एक लाख 78 हजार 795 पहुंच गई है।

100 दिन स्वच्छता के अभियान चलाकर सार्वजनिक स्थानों का चमकाया

शहर को साफ व सुंदर बनाने के लिए नगर निगम ने 22 जुलाई को शिक्षामंत्री कंवरपाल व मेयर मदन चौहान ने सौ दिन स्वच्छता के सफाई अभियान शुरू किया गया। जिसके तहत 27 अक्तूबर को शहर के सार्वजनिक स्थानों व प्रत्येक वार्ड के अधिक गंदगी वाले स्थानों की सफाई की गई। इसमें शहर के प्रमुख नालों, पार्कों की सफाई। सिविल अस्पताल, प्रमुख सड़कों, सरकारी दफ्तरों,  प्रमुख चौकों की सफाई की गई। वॉल पेंटिंग कर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया।

नियमित हुई 69 कॉलोनियों के विकास के द्वार खुले, करोड़ों रुपये के होंगे विकास कार्य

साल 2021 में हाल ही में नियमित हुई अवैध कॉलोनियों में विकास के द्वार खुल गए। नगर निगम ने इन कॉलोनियों को विकसित करने के लिए हरी झंडी दिखाई और निगम की ओर से इनके विकास के लिए करोड़ों रुपये के टेंडर जारी किए गए। अवैध कॉलोनियों के नाम पर यहां के लोग लंबे समय से कच्ची गलियों, नालियों व अन्य समस्याओं का दंश झेल रहे थे, लेकिन अब यहां व्याप्त समस्याओं को नगर निगम द्वारा जल्द दूर किया जाएगा। निगम की ओर से इन कॉलोनियों में करोड़ों रुपये खर्च कर पक्की सड़कें, अंडरग्राउंड नालियां,  बरसाती पानी की निकासी के लिए स्ट्रॉम वाटर लाइन व आईपीएस बनाए जाएंगे।

कई मुख्य सड़कों का हुआ निर्माण

नगर निगम की ओर से हर वार्ड में पक्की गलियां, अंडरग्राउंड नालियां बनाने के लिए करोड़ों रुपये के एस्टीमेट तैयार कर टेंडर जारी किए गए है। कई वार्डों में करोड़ों की लागत से पक्की गलियां व नालियां बनाई गई। शहर की वीआईपी रोड कहे जाने वाले नेहरू पार्क मार्ग की सड़क का निर्माण किया गया। बस स्टैंड से रेलवे स्टेशन तक सड़क का निर्माण किया गया। गोविंदपुरी रोड का निर्माण व दोनों साइडों में पानी की निकासी से लिए नालों का निर्माण किया गया। इसके अलावा बरसाती पानी की निकासी के लिए बस स्टैंड से जम्मू कॉलोनी तक बनाए जा रहे नाले का रूका हुआ काम शुरू किया गया।

जगाधरी में शुरू हुआ प्रदेश के पहला स्ट्रीट वेंडिंग जोन का काम शुरू, 400 वेंडर्स को मिलेगा लाभ

साल 2021 में जगाधरी बस स्टैंड के पास पुराना नेशनल हाईवे 73 के साथ सेक्टर 17 के पीछे गणेश नगर में नगर निगम की ओर से करीब 80 लाख की लागत से वेंडिंग जोन बनाने का काम शुरू किया गया। यह जोन अनेक आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। जोन का फड़ तैयार हो गया है। शेड के लिए एक तरफ ग्रिल भी लग चुकी है। सड़क व अन्य कार्य किए जा रहे है। वेंडिंग जोन में कचरा डालने के लिए जहां डस्टबिन की व्यवस्था होगी। वहीं, बिजली पानी के साथ स्ट्रीट लाइट व शोचालयों की व्यवस्था की जा रही है।  यहां जगाधरी एरिया के 400 से अधिक स्ट्रीट वेंडर काम कर सकेंगे। इससे जहां शहरवासियों को एक ही स्थान पर जरूरत का सामान मिल सकेगा। वहीं, सड़कों पर स्ट्रीट वेंडर्स खड़े होने से लगने वाले जाम व शहरवासियों को होनी वाली परेशानियों से निजात मिल सकेगी।

मेयर मदन चौहान ने कहा कि साल 2021 में हमने अनेक उपलब्धियां हासिल की है। सभी वार्डों में पक्की गलियों व नालियों का निर्माण किया गया। नियमित हुई कॉलोनियों में विकास के द्वार खुले है। कई करोड़ के विकास कार्य हमने शहर में करवाए है और कई करोड़ के ‌कार्य किए जाने है। कैल कचरा प्लांट से कचरा निस्तारण का काम सबसे महत्वपूर्ण काम रहा।

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