भक्तामर पाठ ध्यान व भक्ति से करने पर होता है कष्टों का निवारण- मुकेश
यमुनानगर। श्री महावीर दिग बर जैन मंदिर रैस्ट हाऊस रोड के प्रांगण में 43 वें भक्तामर पाठ का वाचन राजेश जैन व रमेश जैन परिवार के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान अजय जैन ने की तथा मंच संचालन महामंत्री पुनीत गोल्डी जैन ने किया। मंदिर संरक्षक सुभाष जैन व गिरीराज स्वरूप जैन विशिष्ठ अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभार भ दीप प्रवज्जलित कर किया गया। मुकेश जैन ने सभा को संबोधित करते हुये कहा कि भक्तामर विधान एक अनोखी विधा है, जिसको भिन्न-भिन्न रंग रूप में पाया जाता है। इसके अध्ययन व पाठ से इसका चमत्कार देखने को मिलता है। भक्तामर को पाठ ध्यान व भक्ति से करने पर कष्टों का निवारण होता है, दुखों की समाप्ती होती है। 